जो दूर है वो दिल से उतर क्यूँ नहीं जाता

by Jan 2, 2026Shayaris

बे-नाम सा ये दर्द ठहर क्यूँ नहीं जाता

जो बीत गया है वो गुज़र क्यूँ नहीं जाता



सब कुछ तो है क्या ढूँढती रहती हैं निगाहें

क्या बात है मैं वक़्त पे घर क्यूँ नहीं जाता



वो एक ही चेहरा तो नहीं सारे जहाँ में

जो दूर है वो दिल से उतर क्यूँ नहीं जाता



मैं अपनी ही उलझी हुई राहों का तमाशा

जाते हैं जिधर सब मैं उधर क्यूँ नहीं जाता



वो ख़्वाब जो बरसों से न चेहरा न बदन है

वो ख़्वाब हवाओं में बिखर क्यूँ नहीं जाता



निदा फ़ाज़ली

Nida Fazli Shayari

यह भी देखो

लेटैस्ट पोस्ट

पोस्ट शेर भी करते रहना

पोस्ट अच्छी लगी ? शेर कीजिए

फेमिली को, दोस्तों को शेर करने से हमें ज्यादा पोस्ट बनाने में उत्साह रहता है

Nida Fazli Shayari

Know More

लेखक का परिचय

हर लेखकों और शायरों के परिचय के लिए पेज बन रहे है 

परिचय

यारी-मस्ती क्या है ?

मस्ती बिना यारी कहाँ ? मोज मस्ती का आलम दोस्ती में बना रहे इसलिए यहाँ कई तरह की कहानी, शायरी, जोक्स, टिप्स, जानकारी का संग्रह प्रस्तुति का काम जारी है, आते रहिए बार बार 

 

Send your Contents

Contribute Contents

Amazing Images

}

Prank ideas

Get approved as an Author