हम ख़ुद किसी की आँख के तारे हैं इन दिनों

by Jan 14, 2026Shayaris

आंखों ने कैसे ख़्वाब तराशे हैं इन दिनों

दिल पर अजीब रंग उतरते हैं इन दिनों



रख अपने पास अपने महो-मेह्र ऐ फ़लक

हम ख़ुद किसी की आँख के तारे हैं इन दिनों



दस्ते-सेहर ने मांग निकाली है बारहां

और शब ने आ के बाल संवारे हैं इन दिनों



इस इश्क ने हमें ही नहीं मोतदिल किया

उसकी भी खुश-मिज़ाजी के चर्चे हैं इन दिनों



इक ख़ुश-गवार नींद पे हक़ बन गया मेरा

वो रतजगे इस आँख ने काटे हैं इन दिनों



वो क़ह्ते-हुस्न है के सभी ख़ुश-जमाल लोग

लगता है क़ोहो-क़ाफ़ पे रहते हैं इन दिनों



परवीन शाकिर

parveen shakir

यह भी देखो

लेटैस्ट पोस्ट

पोस्ट शेर भी करते रहना

पोस्ट अच्छी लगी ? शेर कीजिए

फेमिली को, दोस्तों को शेर करने से हमें ज्यादा पोस्ट बनाने में उत्साह रहता है

parveen shakir

Know More

लेखक का परिचय

हर लेखकों और शायरों के परिचय के लिए पेज बन रहे है 

परिचय

यारी-मस्ती क्या है ?

मस्ती बिना यारी कहाँ ? मोज मस्ती का आलम दोस्ती में बना रहे इसलिए यहाँ कई तरह की कहानी, शायरी, जोक्स, टिप्स, जानकारी का संग्रह प्रस्तुति का काम जारी है, आते रहिए बार बार 

 

Send your Contents

Contribute Contents

Amazing Images

}

Prank ideas

Get approved as an Author