Shayaris Articles

वो ज़रा सी बात पर बरसों के याराने गए

वो ज़रा सी बात पर बरसों के याराने गए
लेकिन चलो इतना हुआ कुछ लोग पहचाने गए

मां सबसे कह रही है कि बेटा मज़े में है

बर्बाद कर दिया हमें परदेस ने मगर
मां सबसे कह रही है कि बेटा मज़े में है

इतना डरते हैं तो फिर घर से निकलते क्यूँ हैं

लोग हर मोड़ पे रुक रुक के सँभलते क्यूँ हैं
इतना डरते हैं तो फिर घर से निकलते क्यूँ हैं

जो चाहती दुनिया है वो मुझ से नहीं होगा

जो चाहती दुनिया है वो मुझ से नहीं होगा
समझौता कोई ख़्वाब के बदले नहीं होगा