अपने हर हर लफ़्ज़ का ख़ुद आइना हो जाऊँगा उस को छोटा कह के मैं कैसे बड़ा हो जाऊँगा तुम गिराने में लगे थे तुम ने सोचा ही...
अपने हर हर लफ़्ज़ का ख़ुद आइना हो जाऊँगा उस को छोटा कह के मैं कैसे बड़ा हो जाऊँगा तुम गिराने में लगे थे तुम ने सोचा ही...
किसे अपना बनाएँ कोई इस क़ाबिल नहीं मिलता यहाँ पत्थर बहुत मिलते हैं लेकिन दिल नहीं मिलता मोहब्बत का सिला ईसार का हासिल...
दिल में अब दर्द ए मोहब्बत के सिवा कुछ भी नहीं ज़िंदगी मेरी इबादत के सिवा कुछ भी नहीं मैं तेरी बारगह ए नाज़ में क्या...
मुख़्तसर होते हुए भी ज़िंदगी बढ़ जाएगी माँ की आँखें चूम लीजे रौशनी बढ़ जाएगी मौत का आना तो तय है मौत आएगी मगर आप के...
झुक के चलता हूँ कि क़द उसके बराबर न लगे दूसरा ये कि उसे राह में ठोकर न लगे ये तेरे साथ तअ'ल्लुक़ का बड़ा फ़ायदा है...
इन आँखों की मस्ती के मस्ताने हज़ारों हैं इन आँखों से वाबस्ता अफ़्साने हज़ारों हैं इक तुम ही नहीं तन्हा उल्फ़त में मिरी...
नया इक रिश्ता पैदा क्यूँ करें हम बिछड़ना है तो झगड़ा क्यूँ करें हम ख़मोशी से अदा हो रस्म-ए-दूरी कोई हंगामा बरपा क्यूँ...
आँखों में रहा दिल में उतर कर नहीं देखा कश्ती के मुसाफ़िर ने समुंदर नहीं देखा बे-वक़्त अगर जाऊँगा सब चौंक पड़ेंगे इक...
बे-नाम सा ये दर्द ठहर क्यूँ नहीं जाता जो बीत गया है वो गुज़र क्यूँ नहीं जाता सब कुछ तो है क्या ढूँढती रहती हैं निगाहें...
कौन-सी बात कहाँ, कैसे कही जाती है ये सलीक़ा हो, तो हर बात सुनी जाती है जैसा चाहा था तुझे, देख न पाये दुनिया दिल में बस...
मलाल है मगर इतना मलाल थोड़ी है ये आंख रोने की शिद्दत से लाल थोड़ी है बस अपने वास्ते ही फ़िक़्रमंद हैं सब लोग यहां किसी...
एक ही मुज़्दा सुब्ह लाती है धूप आँगन में फैल जाती है रंग-ए-मौसम है और बाद-ए-सबा शहर कूचों में ख़ाक उड़ाती है फ़र्श पर...