Shayaris Articles

यहाँ पत्थर बहुत मिलते हैं लेकिन दिल नहीं मिलता

किसे अपना बनाएँ कोई इस क़ाबिल नहीं मिलता
यहाँ पत्थर बहुत मिलते हैं लेकिन दिल नहीं मिलता

ऐ ख़ुदा मुझसे न ले मेरे गुनाहों का हिसाब

ऐ ख़ुदा मुझसे न ले मेरे गुनाहों का हिसाब
मेरे पास अश्क ए नदामत के सिवा कुछ भी नहीं

जब प्यार नहीं है तो भुला क्यूँ नहीं देते

जब प्यार नहीं है तो भुला क्यूँ नहीं देते

मिला नहीं तो क्या हुआ वो शक्ल तो दिखा गया

मिला नहीं तो क्या हुआ वो शक्ल तो दिखा गया