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Content by Author: iqbal azeem
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वो ज़रा सी बात पर बरसों के याराने गए
लेकिन चलो इतना हुआ कुछ लोग पहचाने गए
बर्बाद कर दिया हमें परदेस ने मगर
मां सबसे कह रही है कि बेटा मज़े में है
लोग हर मोड़ पे रुक रुक के सँभलते क्यूँ हैं
इतना डरते हैं तो फिर घर से निकलते क्यूँ हैं
फेमिली को, दोस्तों को शेर करने से हमें ज्यादा पोस्ट बनाने में उत्साह रहता है
हर लेखकों और शायरों के परिचय के लिए पेज बन रहे है
मस्ती बिना यारी कहाँ ? मोज मस्ती का आलम दोस्ती में बना रहे इसलिए यहाँ कई तरह की कहानी, शायरी, जोक्स, टिप्स, जानकारी का संग्रह प्रस्तुति का काम जारी है, आते रहिए बार बार