by websmart | Jan 5, 2026 | Shayaris
शोर यूँ ही न परिंदों ने मचाया होगा कोई जंगल की तरफ़ शहर से आया होगा पेड़ के काटने वालों को ये मालूम तो था जिस्म जल जाएँगे जब सर पे न साया होगा बानी-ए-जश्ने-बहाराँ ने ये सोचा भी नहीं किस ने काटों को लहू अपना पिलाया होगा अपने जंगल से जो घबरा के उड़े थे प्यासे ये सराब उन...
by websmart | Jan 5, 2026 | Shayaris
रात के बाद नए दिन की सहर आएगी दिन नहीं बदलेगा तारीख़ बदल जाएगी हँसते हँसते कभी थक जाओ तो छुप के रो लो ये हँसी भीग के कुछ और चमक जाएगी जगमगाती हुई सड़कों पे अकेले न फिरो शाम आएगी किसी मोड़ पे डस जाएगी और कुछ देर यूँही जंग सियासत मज़हब और थक जाओ अभी नींद कहाँ आएगी मेरी...
by websmart | Jan 3, 2026 | Shayaris
इन आँखों की मस्ती के मस्ताने हज़ारों हैं इन आँखों से वाबस्ता अफ़्साने हज़ारों हैं इक तुम ही नहीं तन्हा उल्फ़त में मिरी रुस्वा इस शहर में तुम जैसे दीवाने हज़ारों हैं इक सिर्फ़ हमीं मय को आँखों से पिलाते हैं कहने को तो दुनिया में मय-ख़ाने हज़ारों हैं इस शम-ए-फ़रोज़ाँ को...
by websmart | Jan 3, 2026 | Shayaris
नया इक रिश्ता पैदा क्यूँ करें हम बिछड़ना है तो झगड़ा क्यूँ करें हम ख़मोशी से अदा हो रस्म-ए-दूरी कोई हंगामा बरपा क्यूँ करें हम ये काफ़ी है कि हम दुश्मन नहीं हैं वफ़ा-दारी का दावा क्यूँ करें हम वफ़ा इख़्लास क़ुर्बानी मोहब्बत अब इन लफ़्ज़ों का पीछा क्यूँ करें हम सुना दें...
by websmart | Jan 2, 2026 | Shayaris
आँखों में रहा दिल में उतर कर नहीं देखा कश्ती के मुसाफ़िर ने समुंदर नहीं देखा बे-वक़्त अगर जाऊँगा सब चौंक पड़ेंगे इक उम्र हुई दिन में कभी घर नहीं देखा जिस दिन से चला हूँ मिरी मंज़िल पे नज़र है आँखों ने कभी मील का पत्थर नहीं देखा ये फूल मुझे कोई विरासत में मिले हैं तुम...