by websmart | Jan 2, 2026 | Shayaris
बे-नाम सा ये दर्द ठहर क्यूँ नहीं जाता जो बीत गया है वो गुज़र क्यूँ नहीं जाता सब कुछ तो है क्या ढूँढती रहती हैं निगाहें क्या बात है मैं वक़्त पे घर क्यूँ नहीं जाता वो एक ही चेहरा तो नहीं सारे जहाँ में जो दूर है वो दिल से उतर क्यूँ नहीं जाता मैं अपनी ही उलझी हुई राहों...
by websmart | Dec 28, 2025 | Shayaris
कौन-सी बात कहाँ, कैसे कही जाती है ये सलीक़ा हो, तो हर बात सुनी जाती है जैसा चाहा था तुझे, देख न पाये दुनिया दिल में बस एक ये हसरत ही रही जाती है एक बिगड़ी हुई औलाद भला क्या जाने कैसे माँ-बाप के होंठों से हँसी जाती है कर्ज़ का बोझ उठाये हुए चलने का अज़ाब जैसे सर पर कोई...
by websmart | Dec 21, 2025 | Shayaris
मलाल है मगर इतना मलाल थोड़ी है ये आंख रोने की शिद्दत से लाल थोड़ी है बस अपने वास्ते ही फ़िक़्रमंद हैं सब लोग यहां किसी को किसी का ख़याल थोड़ी है परों को काट दिया है उड़ान से पहले ये ख़ौफ़ ए हिज्र है शौक़ ए विसाल थोड़ी है मज़ा तो तब है कि हम हार के भी हंसते रहें हमेशा...
by websmart | Dec 21, 2025 | Shayaris
एक ही मुज़्दा सुब्ह लाती है धूप आँगन में फैल जाती है रंग-ए-मौसम है और बाद-ए-सबा शहर कूचों में ख़ाक उड़ाती है फ़र्श पर काग़ज़ उड़ते फिरते हैं मेज़ पर गर्द जमती जाती है सोचता हूँ कि उस की याद आख़िर अब किसे रात भर जगाती है मैं भी इज़्न-ए-नवा-गरी चाहूँ बे-दिली भी तो लब...
by websmart | Dec 19, 2025 | Shayaris
वो आएगा नुमाइश ए सामान देखकर क्यों कारोबार छोड़ दूं नुक़सान देखकर नख़रे उठा रही हूं तुम्हारी तलाश के रुकती नहीं हूं रास्ता वीरान देखकर सोचा नहीं था मैंने कभी तेरे जैसा शख़्स मुंह फेर लेगा मुझको परेशान देखकर वो तेरा लम्स वो तिरि बाहों की ख़ुशबुएं लौटी हूं जैसे कोई...